निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
चल रहा मनुष्य है
अश्रु-स्वेद-रक्त से लथपथ, लथपथ, लथपथ
इस पंक्ति के माध्यम से कवि कहना चाहता है कि जीवन में सफलता पाने के लिए इंसान को कठिनाइयों से लड़ना ही पड़ता है। ऐसे कठिन रास्तों का सफर तय करते हुए इंसान को आंसू बहाने पड़ते हैं, पसीना बहाना पड़ता है। खून से लथ-पथ रहते हुए भी वह अपने कदम नहीं रोकता। कामयाबी के रास्ते में आने वाली ऐसी तमाम मुश्किलों से लड़कर भी लगातार आगे बढ़ने वाले इंसान ही सफल होते हैं।
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