‘जीवन संघर्षमय है, इससे घबराकर थमना नहीं चाहिए’ इससे संबंधित अन्य कवियों की कविताओं को एकत्र कर एक एलबम बनाइए।
(1) लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर, बार बार फिसलती है।
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है।
आखिर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
- हरिवंश राय बच्चन
(2) चल तू अकेला
तेरा आह्वान सुन कोई ना आए, तो तू चल अकेला,
चल अकेला, चल अकेला, चल तू अकेला।
तेरा आह्वान सुन कोई ना आए, तो चल तू अकेला,
जब सबके मुंह पे पाश...
ओरे ओरे ओ अभागी! सबके मुंह पे पाश,
हर कोई मुंह मोड़के बैठे, हर कोई डर जाय।
तब भी तू दिल खोलके, अरे! जोश में आकर,
मनका गाना गूंज तू अकेला।
जब हर कोई वापस जाय...
ओरे ओरे ओ अभागी! हर कोई बापस जाय...
कानन-कूचकी बेला पर सब कोने में छिप जाय…
- रविंद्रनाथ ठाकुर
(3) संघर्ष हो जीवन
जीवन संघर्ष हो
जीवनदेखि थाकेर बस्छु नभन
जीवनदेखि हारेर मर्छु नभन।
जिन्दगी हो हार-जीत भइरहन्छ
बाधा पन्छाउँदै नदी बगिरहन्छ
हार भयो भनेर दुख नमान
रातपछि दिन हुन्छ हेर बिहान।
- श्याम तमोट
Couldn't generate an explanation.
Generated by AI. May contain inaccuracies — always verify with your textbook.