निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
इस कविता में कवि ने शहरों की किस विडंबना की ओर संकेत किया है?
कवि रोज बस रहे नए मोहल्लों से परेशान है। एक ही दिन में नई चीजें पुरानी सी लगने लगती हैं। कवि सोचता है कि इस परिवर्तनशील समाज में मनुष्य भी संवेदनहीन हो गए हैं। विकास के चलते मनुष्यों का प्रेमभाव भी समाप्त हो गया है। सब अपने में मस्त रहते हैं। कुछ तो अपने पड़ोसियों तक को नहीं जानते।। सब अपने अपने काम में इतने व्यस्त हैं कि कोई किसी की मदद तक नहीं करता। कवि रास्ता भटक गया है। उसे दिशा भ्रम हो गया है लेकिन कोई उसकी मदद को नहीं आ रहा।
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