निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
कवि ने यह क्यों कहा है कि ‘खुशबु रचते हैं हाथ’?
खुशबू रचते हैं हाथ से कवि का तात्पर्य उन हाथों से जो अगरबत्तियां बनाते हैं। इन हाथों से बनाई हुईं खुशबूदार अगरबत्तियां दूर-दूर तक जाती हैं और खुशबू फैलाती हैं। लेकिन अगरबत्तियां बनाने वालों का जीवन खुशबूदार नहीं हो पाता। वे कम कीमत पर इन अगरबत्तियों को तैयार करते हैं। अगरबत्तियां बनाने वाले अक्सर गंदे मोहल्ले, कूड़े के ढेर के बीच और बड़े शहरों की झोपड़पट्टियों में रहते हैं।
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