आजकल के बहुत से समाचार पत्र या समाचार चैनल ‘दोषों का पर्दाफाश’ कर रहे हैं। इस प्रकार के समाचारों और कार्यक्रमों की सार्थकता पर तर्क सहित विचार लिखिए।
आजकल बहुत से समाचार पत्र या समाचार चैनल दोषों का पर्दाफाश कर रहे हैं। इस तरह के कार्यक्रमों की सार्थकता तभी है, जब इनको पढ़कर या देखकर नागरिक जागरूक हो जाएँ। वे अपराधियों या दोषियों से बच सकें तथा अपने आसपास घटनाओं को दोबारा न घटने दें। इन कार्यक्रमों की सार्थकता तभी है जब पर्दाफाश करने वाले कार्यक्रमों के पीछे सच्चाई और ईमानदारी तथा जनकल्याण की भावना छिपी हो। यदि इनके पीछे स्वार्थ, धनोपार्जन या चैनलों की प्रसिद्धि बढ़ाने की लालसा छिपी हो तो इन कार्यक्रमों की कोई सार्थकता नहीं है।
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