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सोचो, ऐसा क्यों?

नीचे लिखे वाक्य पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दो-


दर्शक सब शांत थे, भौंचक्के थें।


दर्शक भौंचक्के क्यों हो गए थे?


दर्शकों को लग रहा था कि पूरा नाटक बिगड़ चुका है। इसलिए वे सभी जोरों से हंस रहे थे, लेकिन जब राकेश ने आकर सब संभाल लिया और उन्हें मालूम हुआ कि नाटक बिगड़ा नहीं है तो वे सब शांत और भौंचक्के रह गए थे।


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सोचो, ऐसा क्यों?

नीचे लिखे वाक्य पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दो-


राकेश को गुस्सा भी आ रहा था और रोना भी।


तुम्हारे विचार से राकेश को गुस्सा और रोना क्यों आ रहा होगा?


5

सोचो, ऐसा क्यों?

नीचे लिखे वाक्य पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दो-


राकेश मंच पर पहुँच गया। सब चुप हो गए, सकपका गए।


तुम्हारे विचार से राकेश जब मंच पर पहुँचा, बाकी सब कलाकार क्यों चुप हो गए होंगे?


5

सोचो, ऐसा क्यों?

नीचे लिखे वाक्य पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दो-


मैंने कहा था कि रिहर्सल में भी यह मानकर चलो कि दर्शक सामने ही बैठे हैं।


राकेश ने ऐसा क्यों कहा होगा?


6

चलो अभिनय करें

कहानी में से चुनकर कुछ संवाद नीचे दिए गए हैं।


उन संवादों को अभिनय के साथ बोलकर दिखाओ।


) चित्रकार महोदय हाथ में कूची पकड़े-आँखें


नचा-नचाकर, मटक-मटककर बोल रहे थे,


अरे चमगादड़, तुझे क्या खाक शायरी करना


आता है। ज़बरदस्ती ही तुझे यह पार्ट दे दिया।


तुने सारा गड़वड़ कर दिया।


) मोहन बोला, “मेरा तो दिल बहुत जोरों से धड़क रहा है।


) राकेश पहुँचते ही एक कुर्सी पर बैठते हुए बोला, “आज मुझे अस्पताल में हाथ पर पट्टी बंधवाने में देर हो गई, तो तुमने इस तरह रिहर्सल की है। ज़ोर-ज़ोर से लड़ने लगे।


) चित्रकार महोदय ने हाथ उठाकर कहा, “देख, मुँह सँभालकर बोल।