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वाक्यों की बात

नीचे दिए गए वाक्यों के अंत में उचित विराम चिन्ह लगाओ-


क) शायर साहब बोले उधर जाकर सुन ले न


ख) सभी लोग हँसने लगे


ग) तुम नाटक में कौन-सा पार्ट कर रहे हो


घ) मोहन बोला अरे क्या हुआ तुम तो अपना संवाद भूल गए


क) शायर साहब बोले, उधर जाकर सुन ले न।


ख) सभी लोग हँसने लगे।


ग) तुम नाटक में कौन-सा पार्ट कर रहे हो?


घ) मोहन बोला, अरे! क्या हुआ, तुम तो अपना संवाद भूल गए।


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6

चलो अभिनय करें

कहानी में से चुनकर कुछ संवाद नीचे दिए गए हैं।


उन संवादों को अभिनय के साथ बोलकर दिखाओ।


) चित्रकार महोदय हाथ में कूची पकड़े-आँखें


नचा-नचाकर, मटक-मटककर बोल रहे थे,


अरे चमगादड़, तुझे क्या खाक शायरी करना


आता है। ज़बरदस्ती ही तुझे यह पार्ट दे दिया।


तुने सारा गड़वड़ कर दिया।


) मोहन बोला, “मेरा तो दिल बहुत जोरों से धड़क रहा है।


) राकेश पहुँचते ही एक कुर्सी पर बैठते हुए बोला, “आज मुझे अस्पताल में हाथ पर पट्टी बंधवाने में देर हो गई, तो तुमने इस तरह रिहर्सल की है। ज़ोर-ज़ोर से लड़ने लगे।


) चित्रकार महोदय ने हाथ उठाकर कहा, “देख, मुँह सँभालकर बोल।


7

शब्दों का फेर

जब संगीत की स्वर लहरी गूँजती है तो पशु-पक्षी तक मुग्ध हो जाते हैं, शायर साहब!आप क्या समझते हैं संगीत को?”


इस संवाद को पढ़ो और बताओ कि-


क) कहानी में इसके बदले किसने, क्यों और क्या बोला? तुम उसको लिखकर बताओ।


) कहानी में शायर के बदले गाजर कहने से क्या हुआ? तुम भी अगर किसी शब्द के बदले किसी अन्य शब्द को प्रयोग कर दो तो क्या होगा?


8

तुम्हारा शीर्षक

इस कहानी का शीर्षक नाटक में नाटक है। कहानी में जो नाटक है तुम उसका शीर्षक बताओ।


9

समस्या और समाधान

कहानी में चित्रकार बना मोहन, शायर बना सोहन और संगीतकार बना श्याम अपनी-अपनी कला को महान बताने के साथ एक-दूसरे को छोटा-बड़ा बताने वाले संवादों को बोलकर झगड़े की समस्या को बढावा देते दिख रहे हैं। तुम उन संवादों को गौर से पढ़ो और उसे इस तरह बदलकर दिखाओ कि आपसी झगड़े की समस्या का समाधान हो जाए। चलो शुरुआत हम कर देते हैं; जैसे-‘चित्रकार कहात है उसकी कला महान के बदले अगर चित्रकार कहे कि हम सबकी कला महान तो झगड़े की शायद शुरूआत ही न हो। अब तुम यह बताओ कि-


क) संगीतकार को क्या कहना चाहिए?


ख) शायर को क्या कहना चाहिए?


) तुम यह भी बताओ कि इन सभी कलाकारों को तुम्हारे अनुसार वह संवाद क्यों कहना चाहिए?