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सोचो-समझो और बताओ

क्या होगा-


वर्षा हो मगर तुम्हारे स्कूल में छुट्टियाँ हों।


वर्षा के दिनों में स्कूल की छुट्टियां होने का भी अपना अलग ही मजा है। ऐसे मौसम में हम दोस्तों के साथ बारिश की बूंदों का खूब आनंद लेंगे। इसके अलावा मौसम का आनंद लेने के लिए कहीं सैर के लिए भी जा सकते हैं। हालांकि इस बीच अपने स्वास्थ का भी पूरा ध्यान रखना होगा। घर में मां के हाथ का बना हलवा और पकौड़े बरसात के इस मौसम में अलग ही स्वाद देते हैं। बारिश के दिनों में स्कूल की छुट्टियों के दिन सबसे यादगार दिनों में से एक होते हैं।


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4

सोचो-समझो और बताओ

क्या होगा-


अगर वर्षा बहुत ही कम हो।


4

सोचो-समझो और बताओ

क्या होगा-


वर्षा हो मगर आँधी-तूफ़ान के साथ हो।


5

कल्पना की बात

कवि अपनी कल्पना से शब्दों के हेर-फेर द्वारा कुछ चीज़ो के बारे में ऐसी बातें कह देता है, जिसे पढ़कर बहुत अच्छा लगता है। तुम भी अपनी कल्पना से किसी चीज के बारे में जैसी भी बात बताना चाहो, बता सकते हो। हाँ, ध्यान रहे कि उन बातों से किसी को कोई नुकसान न हो। शब्दों के फेर-बदल में तुम पूरी तरह से स्वतंत्र हो।


6

तुम्हारा कवि और सबकी कविता

तुमने इस कविता मे एक कवि, जिसने इस कविता को लिखा है, उसके बारे में जाना और इसी कविता में एक और कवि कालिदास के बारे में भी जाना। अब तुम बताओ-


) तुम्हारे प्रदेश और तुम्हारी मातृभाषा में तुम्हारी पसंद के कवि कौन-कौन हैं?


) उनमें से किसी एक कवि की कोई सुंदर-सी कविता, जो तुम्हें पसंद हो, को हिंदी में अनुवाद


कर अपने साथियों को दिखाओ।