Q1 of 9 Page 98

पाठ से

वे बाल चित्रकला प्रतियोगिता क्यो करना चाहते थे?


केशव शंकर का मन जब बच्चों में लग गया तब उन्हें पूरे देश के बच्चों को एक जगह एकत्रित करने का विचार आया। इसके लिए उन्होंने चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन करने के बारे में सोचा| इस चित्रकला प्रतियोगिता के बहाने पूरे देश के बच्चे एक दूसरे से मिलते और उन्हें अलग अलग संस्कृति के बारे में जानने का मौका मिलता। उनमें विश्वबंधुत्व की भावना जगाने के लिए केशव ने इस प्रतियोगिता का आयोजन किया। केशव की पत्रिका शंकर्स वीकली द्वारा 1949 में बाल चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया था। संक्षेप में कहें तो उनका चित्रकला प्रतियोगिता आयोजन करने के पीछे मूल उद्देश्य विश्वभर के बच्चों को एक मंच पर लाना था|


More from this chapter

All 9 →
1

पाठ से

गुड़िया का संग्रह करने में केशव शंकर पिल्लै को कौन-कौन सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।


1

पाठ से

केशव शंकर पिल्लै ने बच्चों के लिए विश्वभर की चुनी गई गुड़ियों का संग्रह क्यों किया?


1

पाठ से

केशव शंकर पिल्लै हर वर्ष छुट्टियों में कैंप लगाकर सारे भारत के बच्चों को एक जगह मिलने का अवसर देकर क्या करना चाहते थे?


2

तरह-तरह के काम

केशव ने कार्टून बनाना, गुड़ियों व पुस्तकों का संग्रह करना, पत्रिका में लिखना व पत्रिका निकालना, बाल चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन व बच्चों का सम्मेलन कराना जैसे तरह-तरह के काम किए। उनको किसी एक काम के लिए भी तरह-तरह के काम करने पड़े होंगे। अब बताओ कि-


क) कार्टून बनाने के लिए उन्हें कौन-कौन से काम करने पड़े होंगे?


ख) बच्चों के लिए बाल चित्रकला प्रतियोगिता कराने के लिए क्या-क्या करना पड़ा होगा?


ग) केशव शंकर पिल्ले की तरह कुछ और भी लोग हुए हैं जन्होंने तरह-तरह के काम करके काफी नाम कमाया। तुम्हारी पसंद के वो कौन-कौन लोग हो सकते हैं? तुम उनमें से कुछ के नाम लिखो और उन्होंने जो कुछ विशेष काम किए हैं उनके नाम के आगे उसका भी उल्लेख करो।