पाठ से
केशव शंकर पिल्लै हर वर्ष छुट्टियों में कैंप लगाकर सारे भारत के बच्चों को एक जगह मिलने का अवसर देकर क्या करना चाहते थे?
बच्चों के विकास के लिए केशव शंकर ने एक और योजना बनाई। उन्होंने आर्ट क्लब और हॉबी सेंटर खोला। यहां वो हर साल छुट्टियों में 3-4 कैंप लगाकर सारे भारत के बच्चों को एक जगह मिलने का अवसर देते थे| ताकि सभी बच्चे एक-दूसरे के रीति-रिवाजों से परिचित हो सकें। सभी में विश्वबंधुत्व की भावना बनी रहे। ये बच्चे ही देश का भविष्य होते हैं। जब वे एक-दूसरे को जानेंगे तभी एक-दूसरे के हित का काम भी करेंगे। अपने बाल प्रेम के चलते केशव शंकर देश ही नहीं पूरी दुनिया में विख्यात हो गए।
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