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पाठ से

केशव शंकर पिल्लै हर वर्ष छुट्टियों में कैंप लगाकर सारे भारत के बच्चों को एक जगह मिलने का अवसर देकर क्या करना चाहते थे?


बच्चों के विकास के लिए केशव शंकर ने एक और योजना बनाई। उन्होंने आर्ट क्लब और हॉबी सेंटर खोला। यहां वो हर साल छुट्टियों में 3-4 कैंप लगाकर सारे भारत के बच्चों को एक जगह मिलने का अवसर देते थे| ताकि सभी बच्चे एक-दूसरे के रीति-रिवाजों से परिचित हो सकें। सभी में विश्वबंधुत्व की भावना बनी रहे। ये बच्चे ही देश का भविष्य होते हैं। जब वे एक-दूसरे को जानेंगे तभी एक-दूसरे के हित का काम भी करेंगे। अपने बाल प्रेम के चलते केशव शंकर देश ही नहीं पूरी दुनिया में विख्यात हो गए।


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पाठ से

वे बाल चित्रकला प्रतियोगिता क्यो करना चाहते थे?


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पाठ से

केशव शंकर पिल्लै ने बच्चों के लिए विश्वभर की चुनी गई गुड़ियों का संग्रह क्यों किया?


2

तरह-तरह के काम

केशव ने कार्टून बनाना, गुड़ियों व पुस्तकों का संग्रह करना, पत्रिका में लिखना व पत्रिका निकालना, बाल चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन व बच्चों का सम्मेलन कराना जैसे तरह-तरह के काम किए। उनको किसी एक काम के लिए भी तरह-तरह के काम करने पड़े होंगे। अब बताओ कि-


क) कार्टून बनाने के लिए उन्हें कौन-कौन से काम करने पड़े होंगे?


ख) बच्चों के लिए बाल चित्रकला प्रतियोगिता कराने के लिए क्या-क्या करना पड़ा होगा?


ग) केशव शंकर पिल्ले की तरह कुछ और भी लोग हुए हैं जन्होंने तरह-तरह के काम करके काफी नाम कमाया। तुम्हारी पसंद के वो कौन-कौन लोग हो सकते हैं? तुम उनमें से कुछ के नाम लिखो और उन्होंने जो कुछ विशेष काम किए हैं उनके नाम के आगे उसका भी उल्लेख करो।


3

घर

तुमने इस पाठ में गुड़ियाघर के बारे में पढ़ा। पता करो कि ‘चिड़ियाघर’, ‘सिनेमाघर’ और ‘किताबघर’ कौन और क्यों बनवाता है? तुम इनमें से अपनी पसंद के किसी एक घर के बारे में बताओ जहाँ तुम्हें जाना बेहद पसंद हो?