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निबंध या संस्मरण

इस पाठ में भोपाल गैस त्रासदी का वर्णन हुआ है, जिसे त्रासती को सहने वाली सलमा ने वह सुबह कभी तो आएगी शीर्षक से लिखा है। अब तुम बताओ कि-


अगर इसे कोई कहानी कहे तो क्या होगा?


अगर इसे कहानी कहा जाए तो इसमें से दर्द का वो भाव खत्म हो जाएगा जिसे सलमा लोगों तक पहुंचाना चाहती है। चूंकि कहानियां काल्पनिकता पर आधारित होती है, इस वजह से लोग उसकी सच्ची कहानी को ध्यानपूर्वक नहीं सुनेंगे। इसे कहानी कहे जाने पर सलमा के दर्द की आपबीती काल्पनिक किस्से-कहानियों की भीड़ में खोकर रह जाएंगे। अगर सलमा के दर्द को समाज के सामने उसी प्रकार से रखना है जैसा कि उसने महसूस किया है तो इसे कहानी के रूप में पेश करना तर्कसंगत नहीं होगा|


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3

देखभाल

हम उनसे कहते कि जब हम बड़े हो जाएँगे तो उनकी देखभाल करेंगे। इस वाक्य को पढ़ो और बताओ कि-


अगर वह छोटे होने पर भी देखभाल करेगा/करेगी तो क्या हो सकता है?


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निबंध या संस्मरण

इस पाठ में भोपाल गैस त्रासदी का वर्णन हुआ है, जिसे त्रासती को सहने वाली सलमा ने वह सुबह कभी तो आएगी शीर्षक से लिखा है। अब तुम बताओ कि-


तुम इसे निबंध या संस्मरण में से क्या कह सकते हो और क्यों?


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निबंध या संस्मरण

इस पाठ में भोपाल गैस त्रासदी का वर्णन हुआ है, जिसे त्रासती को सहने वाली सलमा ने वह सुबह कभी तो आएगी शीर्षक से लिखा है। अब तुम बताओ कि-


मान लो अगर तुम इसे लिखते तो इसका क्या शीर्षक देते और क्यों?


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पंक्ति और शीर्षक

वह सुबह कभी तो आएगी- यह इस पाठ का शीर्षक है। साथ ही यह साहिर लुधयानवी के गीत की पंक्ति भी है। इस तरह तुम कुछ अन्य गीतों, कविताओं, लेखों, कहानियों और प्रसिद्ध लोगों के विचारों आदि की किसी पंक्ति का चयन कर उसकी सूची बनाओ जिस पर अपने विचारों को लिख सकते हो और वह तुम्हारे लेख के लिए सही शीर्षक हो सकता है।