निबंध या संस्मरण
इस पाठ में भोपाल गैस त्रासदी का वर्णन हुआ है, जिसे त्रासती को सहने वाली सलमा ने ‘वह सुबह कभी तो आएगी’ शीर्षक से लिखा है। अब तुम बताओ कि-
मान लो अगर तुम इसे लिखते तो इसका क्या शीर्षक देते और क्यों?
अगर मैं इसे लिखता तो इसका शीर्षक 'पथरीला रास्ता’ या 'मेरा संघर्ष’ रखता। इसके पीछे की वजह ये है कि इसमें सलमा ने अपने दुखभरे जीवन की सच्चाई को उजागर किया है। उसने बताया है कि कैसे एक घटना ने उसके परिवार से सारी खुशियां छीन ली हैं। इसके बावजूद उसने जिंदगी की कठिनाइयों से हार नहीं मानी। सलमा ने आखिर तक जिंदगी से अपनी जंग जारी रखी और इस काबिल बनी कि बड़े होकर अपने परिवार को संभाल सके।
Couldn't generate an explanation.
Generated by AI. May contain inaccuracies — always verify with your textbook.