आपको क्या लगता है- वक्त के साथ फेरी के स्वर कम हुए हैं? कारण लिखिए।
फेरी का जमाना पहले था, जो अब खत्म होता जा रहा है। गांवों में फेरीवाले अभी भी आते हैं लेकिन शहरों में अब ये बिल्कुल नजर नहीं आते हैं। अब लोगों के रहन सहन का स्तर बढ़ गया है इसलिए इन फेरीवालों से कोई सामान नहीं लेता है। ऐसे में फेरीवालों ने अपनी दुकानें खोल ली हैं। जगह जगह मॉल और शॉपिंग सेंटर खुलने से फेरीवालों का महत्व खत्म हो गया है। शहर के लोग फेरीवालों के सामान की क्वालिटी को अच्छा नहीं मानते हैं। फेरीवालों का सामान सस्ता होता है जब मॉल में वही सामान की कीमत तिगुनी हो जाती है। इसके अलावा सामान खरीदने के बहाने ही लोग घरों से बाहर जाकर घूम-फिर आते हैं।
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