‘अच्छा मुझे ज्यादा वक्त नहीं, जल्दी से दो ठो निकाल दो।’
• उपर्युक्त वाक्य में ‘ठो’ के प्रयोग की ओर ध्यान दीजिए। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की भाषाओं में इस शब्द का प्रयोग संख्यावाची शब्द के साथ होता है, जैसे- भोजपुरी में एक ठो लड़का, चार ठे आलू, तीन ठे बटुली।
• ऐसे शब्दों का प्रयोग भारत की कई अन्य भाषाओं/बोलियों में भी होता है। कक्षा में पता कीजिए कि किस किस की भाषा बोली में ऐसा है। इस पर सामूहिक बातचीत कीजिए।
बिहार के मिथिला क्षेत्र में जहाँ मैथिली बोली जाती हैं, वहाँ पर ‘ठो’, ‘ठे’ के स्थान पर ‘टा’ का प्रयोग करते हैं। जैसे-
एक ठो कलम - एक टा कलम
पाँच ठो कापी- पाँच टा कापी
इसके अलावा उत्तर प्रदेश के बनारस में भी ऐसी भाषा बोली जाती है। साथ ही इलाहाबाद और पूर्वांचल क्षेत्रों में ठो लगाकर भाषा का प्रयोग किया जाता है।
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