कवि ने चाँद से गप्पें किस दिन लगाई होंगी? इस कविता में आई बातों की मदद से अनुमान लगाओ और उसका कारण भी बताओ।
दिन कारण
पूर्णिमा ------------
अष्टमी से पूर्णिमा के बीच -------------
प्रथमा से अष्टमी के बीच --------------
दिन कारण
पूर्णिमा चाँद पूरी तरह गोल नजर आता है।
अष्टमी से पूर्णिमा के बीच चाँद तिरछा नजर आता है।
प्रथमा से अष्टमी के बीच चाँद बहुत पतला नजर आता है।
‘गोल हैं खूब मगर, आप तिरछे नजर आते हैं जरा।’कविता की इस पंक्ति के आधार पर हम कह सकते हैं कि कवि ने चाँद से गप्पे अष्टमी से पूर्णिमा के बीच लगाई होंगी।
Couldn't generate an explanation.
Generated by AI. May contain inaccuracies — always verify with your textbook.