नई कविता में तुक या छंद के बदले बिंब का प्रयोग अधिक होता है। बिंब वह तस्वीर होती है जो शब्दों को पढ़ते समय हमारे मन में उभरती है। कई बार कुछ कवि शब्दों की ध्वनि की मदद से ऐसी तस्वीर बनाते हैं और कुछ कवि अक्षरों या शब्दों को इस तरह छापने पर बल देते हैं कि उनसे कई चित्र हमारे मन में बनें। इस कविता के अंतिम हिस्से में चाँद को एकदम गोल बताने के लिए कवि ने ‘बि ल कु ल’ शब्द के अक्षरों को अलग-अलग करके लिखा है। तुम इस कविता के और किस शब्दों को चित्र की आकृति देना चाहोगे? ऐसे शब्दों को अपने ढंग से लिखकर दिखाओ।
गोल मटोल, तिरछे।
Couldn't generate an explanation.
Generated by AI. May contain inaccuracies — always verify with your textbook.