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निम्नलिखित शब्दों को कहानी में ढूँढ़कर उनका अर्थ समझो। अब स्वयं सोचकर इनसे वाक्य बनाओः

खोंसना जमघट टटोलकर कुढ़ना ठहाका अगुआ पुचकारना खलना हेकड़ी तारीफ़


खोंसना (फँसाना)- साड़ी खोंसकर पहनो तो कभी खुलेगी नहीं।

अगुआ (आगे रहने वाला)- राजेश हर काम की अगुआई करता है।


जमघट (भीड़) - निशि बेहोश हो गई तो स्कूल के छात्रों का जमघट लग गया।


पुचकारना (प्यार करना या मनाना)- बच्चों को खाना खिलाने के लिए उन्हें पुचकारना पड़ता है।


टटोलकर (छूकर अंदाजा लगाकर)- अंधेरे में दिये को टटोलकर ढूंढना पड़ा|


खलना (कमी का एहसास होना)- राजप्पा ने जब नागराजन का अलबम जला दिया तो बाद में उसे यह बहुत खला|


कुढ़ना (ईर्ष्या होना)- दूसरों की सफलता देखकर कुढ़ना अच्छी बात नहीं है।


हेकड़ी (घमंड)- श्याम अपनी कक्षा में हर किसी को हेकड़ी दिखाता है।


ठहाका (जोर की हँसी)- क्लास में रेनू ठहाके मारने लगी।


तारीफ़ (प्रशंसा)- हर कोई राजप्पा के अलबम की तारीफ करता है।


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1

राजप्पा अलबम जलाए जाने की बात नागराजन को क्यों नहीं कह पाता है? अगर वह कह देता तो क्या कहानी के अंत पर कुछ फर्क पड़ता? कैसे?

1

कक्षा के बाकी विद्यार्थी स्वयं अलबम क्यों नहीं बनाते थे? वे राजप्पा और नागराजन के अलबम के दर्शक मात्र क्यों रह जाते हैं? अपने शिक्षक को बताओ।

2

कहानी से व्यक्तियों या वस्तुओं के लिए प्रयुक्त हुए ‘नहीं का अर्थ देने वाले शब्दों (नकारात्मक विशेषण) को छाँटकर लिखो। उनका उलटा अर्थ देने वाले (विपरीतार्थक) शब्द भी लिखो।

1

मान लो कि स्कूल में तुम्हारी कोई प्रिय चीज खो गई है। तुम चाहते हो कि जिसे वह चीज मिले, वह तुम्हें लौटा दे। इस संबंध में स्कूल के बोर्ड पर लगाने के लिए एक नोटिस तैयार करो, जिसमें निम्नलिखित बिंदु हों:

(क) खोई हुई चीज


(ख) कहाँ खोई?


(ग) मिल जाने पर कहाँ लौटाई जाए?


(घ) नोटिस लगाने वाले/वाली का नाम और कक्षा