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राजप्पा और नागराजन की तरह क्या तुम भी कोई शौक रखते हो? उससे जुड़े किस्से सुनाओ।

मुझे बचपन से डांस करने का शौक था। बहुत कहने पर मां ने मेरी डांस की क्लास लगा दी। एक टीचर मुझे रोज डांस सिखाने आने लगी। मुझे देखकर मेरी एक दोस्त ने भी मेरी ही टीचर से डांस सीखना शुरू कर दिया। टीचर मुझसे बार—बार कहती थीं कि उपासना को देखो उसने तुमसे बाद में डांस सीखना शुरू किया लेकिन तुमसे अच्छा कर लेती है। मुझे ये सुनकर बहुत कुढ़न होती थी। मैंने दो—तीन बार कोशिश की कि मेरी टीचर उपासना को डांस सिखाना छोड़ दें लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक दिन उपासना के पैर में चोट लग गई और वो महीने भर बेड पर रही। इस बीच मैंने बहुत मेहनत की और अपनी टीचर को अच्छा डांस करके दिखाया। उस वक्त मुझे एहसास हुआ कि मैं भी अच्छा डांस कर सकती हूं। मुझे किसी से ईर्ष्या की भावना नहीं रखनी चाहिए।


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मान लो कि स्कूल में तुम्हारी कोई प्रिय चीज खो गई है। तुम चाहते हो कि जिसे वह चीज मिले, वह तुम्हें लौटा दे। इस संबंध में स्कूल के बोर्ड पर लगाने के लिए एक नोटिस तैयार करो, जिसमें निम्नलिखित बिंदु हों:

(क) खोई हुई चीज


(ख) कहाँ खोई?


(ग) मिल जाने पर कहाँ लौटाई जाए?


(घ) नोटिस लगाने वाले/वाली का नाम और कक्षा


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डाक टिकटों के बारे में और जानना चाहो तो नेशनल बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली से प्रकाशित पुस्तक ‘डाक टिकटों की कहानी’ पढ़ो।

2

कुछ कहानियाँ सुखांत होती हैं और कुछ दुखांत। इस कहानी के अंत को तुम दुखांत मानोगे या सुखांत? बताओ।

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कुढ़ता चेहरा, ईष्यालु चेहरा, घमंडी चेहरा, अपमानित चेहरा, भूखा चेहरा, चालबाज चेहरा, भयभीत चेहरा, रुआँस चेहरा

इन भावों को अभिव्यक्त करके दिखाओ।