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पास के शहर में कोई संग्रहालय हो तो वहां जाकर पुरानी चीजें देखो। अपनी कक्षा में उस पर चर्चा करो।

लखनऊ में कई साल पहले मैं एक संग्रहालय में गई थी। वह संग्रहालय उस वक्त इमाम बाड़े के पास ही था। उस संग्रहालय में कई तरह की पेटिंग्स लगी हुई थी। उन पेटिंग्स के जरिए गुलामी की जंजीरे तोड़कर देश किस तरह आजाद हुआ यह दिखाने की कोशिश की गई थी। मैं उस वक्त बहुत छोटी थी। इस संग्रहालय को देखने के लिए मैं पेरेंट्स के साथ आई थी।


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चमकीला रोड़ा- यहाँ रेखांकित विशेषण ‘चमक’ संज्ञा में ‘ईला’ प्रत्यय जोड़ने पर बना है। निम्नलिखित शब्दों में यही प्रत्यय जोड़कर विशेषण बनाओ और इनके साथ उपयुक्त संज्ञाएँ लिखो-

पत्थर ------------------- काँटा -------------------


रस --------------------- जहर ---------------------


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जब तुम मेरे साथ रहती हो, तो अक्सर मुझसे बहुत-सी बातें पूछा करती हो।’

यह वाक्य दो वाक्यों को मिलाकर बना है। इन दोनों वाक्यों को जोड़ने का काम ‘जब ----तो (तब)’ कर रहे हैं, इसलिए इन्हें योजक कहते हैं। योजक के रूप में कभी कोई बदलाव नहीं आता, इसलिए ये अव्यय का एक प्रकार होते हैं। नीचे वाक्यों को जोड़ने वाले कुछ और अव्यय दिए गए हैं। उन्हें रिक्त स्थानों में लिखो। इन शब्दों से तुम भी एक एक वाक्य बनाओ।


(क) कृष्णन फिल्म देखना चाहता है -------------------- मैं मेले में जाना चाहती हूं।


(ख) मुनिया ने सपना देखा ---------------- वह चंद्रमा पर बैठी है।


(ग) छुट्टियों में हम सब ----------- दुर्गापुर जाएँगे --------------- जालंधर।


(घ) सब्जी कटवाकर रखना --------------- घर आते ही मैं खाना बना लूँ।


(घ) --------------मुझे पता होता कि शमीना बुरा जाएगी ------------ मैं यह बात न कहती।


(च) इस वर्ष फसल अच्छी नहीं हुई है ----------------- अनाज महँगा है।


(छ) विमल जर्मन सीख रहा है ------------- फ्रेंच।


बल्कि / इसलिए / परंतु / कि / यदि / तो / न कि / या / ताकि


1

एन.सी.आर.टी. की श्रव्य श्रृंखला ‘पिता के पत्र पुत्री के नाम’।

2

एन.सी.आर.टी. का श्रव्य कार्यक्रम ‘पत्थर और पानी की कहानी’।