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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

सहस्र दृग-सुमन’ से क्या तात्पर्य है? कवि ने इस पद का प्रयोग किसके लिए किया होगा?

‘सहस्र दृग-सुमन’ का अर्थ है– हजारों पुष्प रूपी आँखें। कवि ने इसका प्रयोग पर्वत पर खिले फूलों के लिए किया है। पहाड़ पर उग आए पेड़ों पर असंख्य रंग बिरंगे फूल दिखाई देते हैं। ऐसा लगता है कि पहाड़ की असंख्य आँखें हैं। पर्वत अपने नीचे फैले तालाब रूपी दर्पण में फूल रूपी नेत्रों के माध्यम से अपने सौंदर्य को निहार रहा है। कवि ने इस पद का प्रयोग सजीव चित्रण करने के लिए किया है। वर्षाकाल में पर्वतीय भाग में हजारों की संख्या में पुष्प खिले रहते हैं। ऐसा लगता है मानों पर्वत अपने सुंदर नेत्रों से प्रकृति की छटा को निहार रहा है।


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