निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
शाल के वृक्ष भयभीत होकर धरती में क्यों धँस गए?
कवि ने अनुसार वर्षा इतनी तेज और मूसलाधार थी कि घने कोहरे में शाल के वृक्ष दिखाई देना बंद हो गए हैं। ऐसा लगता है कि वे उस घने कोहरे से डरकर धरती में समा गए हैं और मानो आकाश धरती पर टूट पड़ा हो। चारों तरफ धुआँ-सा उठता प्रतीत होता है। वर्षा के ऐसे भयंकर रूप को देखकर उच्च-आकांक्षाओं से युक्त विशाल शाल के वृक्ष भयभीत होकर धरती में धँस हुए प्रतीत होते हैं।
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