Q1 of 17 Page 73

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

सुभाष बाबू के जुलूस में स्त्री समाज की क्या भूमिका थी?

सुभाष बाबू के जुलूस में स्त्री समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी। भारी पुलिस व्यवस्था के बावजूद स्त्रियों के दल अनेक जगहों से जुलूस बनाकर सभास्थल की और बढ़ रहे थे| मारवाड़ी बालिका विद्यालय में झंडोत्सव मनाया गया जिसमें जानकी देवी और मदासला बज़ाज जैसी स्त्रियों ने भी भाग लिया। मोनुमेंट पर भी बड़ी संख्या में स्त्रियों ने निडर होकर झंडा फहराया। सरकारी कानून का उल्लंघन कर लगभग 105 स्त्रियों ने अपनी गिरफ्तारी दी। पुलिस ने जुलूस में भाग लेने वाली स्त्रियों पर भी दमन किया| इन सबके बावजूद भी स्त्रियाँ लाल बाज़ार तक आगे बढ़ती रही।


More from this chapter

All 17 →
1

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-

धर्मतल्ले के मोड़ पर आकर जुलूस क्यों टूट गया?

1

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-

डाँ. दासगुप्ता जुलूस में घायल लोगों की देख-रेख तो कर रहे थे, उनके फ़ोटो भी उतरवा रहे थे। उन लोगों के फ़ोटो खींचने की क्या वजह हो सकती थी? स्पष्ट कीजिए।

1

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

जुलूस के लालबाज़ार आने पर लोगों की क्या दशा हुई?

1

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

जब से कानून भंग काम शुरू हुआ है तब से आज तक इतनी बड़ी सभा ऐसे मैदान में नहीं की गई थी और यह सभा तो कहना चाहिए कि ओपन लड़ाई थी। ‘यहाँ पर कौन और किसके द्वारा लागू किए गए कानून को भंग करने की बात कही गई है? क्या कानून भंग करना उचित था? पाठ के संदर्भ में अपने विचार प्रकट कीजिए।