निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसमें शक्ति भर उसे धरती में घोंप दिया और ताकत से उसे खींचने लगा।
तताँरा से अपना अकारण अपमान सहा नहीं गया। जब वामीरो की माँ तथा उसके गाँव वासियों ने उस पर लाँछन लगाया तो उसे अपमान से बचने का कोई उपाय न सूझा। तताँरा-वामीरो को पता लग गया था कि उनका विवाह नहीं हो सकता था फिर भी वे मिलते रहे। एक बार पशु पर्व मे वामीरो, तताँरा से मिलकर रोने लगी। इस पर उसकी माँ ने क्रोध किया और तताँरा को अपमानित किया। तताँरा को भी क्रोध आने लगा। अपने गुस्से को शान्त करने के लिए अपनी तलवार को ज़मीन में गाड़ कर खींचता चला गया और उसने द्वीप को दो भागों में विभाजित कर दिया|
Couldn't generate an explanation.
Generated by AI. May contain inaccuracies — always verify with your textbook.