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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-

जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसमें शक्ति भर उसे धरती में घोंप दिया और ताकत से उसे खींचने लगा।

तताँरा से अपना अकारण अपमान सहा नहीं गया। जब वामीरो की माँ तथा उसके गाँव वासियों ने उस पर लाँछन लगाया तो उसे अपमान से बचने का कोई उपाय न सूझा। तताँरा-वामीरो को पता लग गया था कि उनका विवाह नहीं हो सकता था फिर भी वे मिलते रहे। एक बार पशु पर्व मे वामीरो, तताँरा से मिलकर रोने लगी। इस पर उसकी माँ ने क्रोध किया और तताँरा को अपमानित किया। तताँरा को भी क्रोध आने लगा। अपने गुस्से को शान्त करने के लिए अपनी तलवार को ज़मीन में गाड़ कर खींचता चला गया और उसने द्वीप को दो भागों में विभाजित कर दिया|


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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

प्राचीन काल में मनोरंजन और शक्ति प्रदर्शन के लिए किस प्रकार के आयोजन किए जाते थे?

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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

रूढि़याँ जब बंधन बन बोझ बनने लगे तब उनका टूट जाना ही अच्छा है। क्यों? स्पष्ट कीजिए।

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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-

बस आस की एक किरण थी जो समुद्री की देह पर डूबती किरणों की तरह कभी भी डूब सकती थी।

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निम्नलिखित वाक्यों के सामने दिए कोष्ठक में (â) का चिह्न लगाकर बताएँ कि वह वाक्य किस प्रकार का है-

(क) निकोबारी उसे बेहद प्रेम करते थे। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)


(ख) तुमने एकाएक इतना मधुर गाना अधूरा क्यों छोड़ दिया? (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)


(ग) वामीरो की माँ क्रोध में उफन उठी। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)


(घ) क्या तुम्हें गाँव का नियम नहीं मालूम? (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)


(ड-) वाह! कितना सुंदर नाम है। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)


(च) मैं तुम्हारा रास्ता छोड़ दूँगा। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)