Q1 of 27 Page 83

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-

बस आस की एक किरण थी जो समुद्री की देह पर डूबती किरणों की तरह कभी भी डूब सकती थी।

तताँरा वामीरो को पहली ही नज़र में बेहद प्रेम करने लगा था। वह उसकी प्रतिक्षा में अपने जीवन की संपूर्ण आस लगाए बैठा था। तताँरा ने वामीरो से मिलने के लिए कहा और वह शाम के समय वहाँ जाकर उसकी प्रतीक्षा कर रहा था। जैसे-जैसे सूरज डूब रहा था, उसको वामीरो के न आने की आशंका होने लगी। जिस प्रकार सूर्य की किरणें समुद्र की लहरों में कभी दिखती तो कभी छिप जाती थी, उसी तरह तताँरा के मन में भी उम्मीद बनती और डूबने लगती थी। उसे लगता है कि आशा की यह किरण वामीरो के न आने पर समुद्र में डूबते सूर्य की किरणों के समान कहीं डूब न जाए।


More from this chapter

All 27 →
1

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

रूढि़याँ जब बंधन बन बोझ बनने लगे तब उनका टूट जाना ही अच्छा है। क्यों? स्पष्ट कीजिए।

1

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-

जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसमें शक्ति भर उसे धरती में घोंप दिया और ताकत से उसे खींचने लगा।

1

निम्नलिखित वाक्यों के सामने दिए कोष्ठक में (â) का चिह्न लगाकर बताएँ कि वह वाक्य किस प्रकार का है-

(क) निकोबारी उसे बेहद प्रेम करते थे। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)


(ख) तुमने एकाएक इतना मधुर गाना अधूरा क्यों छोड़ दिया? (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)


(ग) वामीरो की माँ क्रोध में उफन उठी। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)


(घ) क्या तुम्हें गाँव का नियम नहीं मालूम? (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)


(ड-) वाह! कितना सुंदर नाम है। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)


(च) मैं तुम्हारा रास्ता छोड़ दूँगा। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)

2

निम्नलिखित मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए-

(क) सुध-बुध खोना


(ख) बाट जोहना


(ग) खुशी का ठिकाना ना रहना


(घ) आग बबूला होना


(ड-) आव़ाज उठाना