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लाभ-हानि’ का विग्रह इस प्रकार होगा-लाभ और हानि-

यहाँ द्वंद्व समास है जिसमें दोनों पद प्रधान होते हैं। दोनों पदों के बीच योजक शब्द का लोप करने के लिए योजक-चिह्न लगाया जाता है। नीचे दिए गए द्वंद्व समास का विग्रह कीजिए-



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1

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-

सभी क्रियाएँ इतनी गरिमापूर्ण ढंग से कीं कि उसकी हर भंगिमा से लगता था मानो जयजयवंती के सुर गूँज रहे हों।

1

नीचे दिए गए शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए-

व्यावहारिकता, आदर्श, सूझबूझ,विलक्षण,शाश्वत।

3

नीचे दिए गए विशेषण शब्दों से भाववाचक संज्ञा बनाइए-

4

नीचे दिए वाक्यों में रेखांकित अंश पर ध्यान दीजिए और अर्थ को समझिए-

(क) शुद्ध सोना अलग है।


(ख) बहुत रात हो गई अब हमें सोना चाहिए।


ऊपर दिए गए वाक्यों में ‘सोना’ का क्या अर्थ है?


पहले वाक्य में ‘सोना’ का अर्थ है-एक प्रकार की धातु यानी ‘स्वर्ण’। दूसरे वाक्य में ‘सोना’ का अर्थ है- ‘सोना’ नामक क्रिया। अलग-अलग संदर्भों में ये शब्द अलग अर्थ देते हैं अथवा एक शब्द के कई अर्थ हैं। ऐसे शब्द कहलाते हैं। नीचे दिए गए शब्दों के भिन्न-भिन्न अर्थ स्पष्ट करने के लिए उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए


उत्तर, कर, अंक, नग।