निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
गर्द तो ऐसे उड़ रही है जैसे की पूरा एक काफिला चला आ रहा हो मगर मुझे तो एक ही सवार नज़र आता है।
यह कथन अंग्रेज़ों की फौज़ के लेफ़्टीनेंट का है। वज़ीर अली अकेला ही पूरे काफ़िले के समान था। वह तूफान की तरह शक्तिशाली और गतिशील था। उसके घोड़े की टापों से उड़ने वाली धूल ऐसा आभास देती थी मानो पूरी फौज़ चली आ रही है। सिपाही ने जब बहुत ज्यादा धूल उड़ते देखी तो उसे लगा की कोई बड़ी फौज आ रही होगी लेकिन गौर से देखने पर पता चला कि एक अकेला सवार आ रहा था। सवार का घोड़ा तेजी से टाप भर रहा था इसलिए अत्यधिक धूल उड़ा रहा था। इस वाक्य से आने वाले सवार के व्यक्तित्व की महानता की झलक मिलती है जो अकेले होते हुए भी अकेला नहीं दिखता। यह सवार वज़ीर अली था जिसका पता किसी को न चला।
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