इफ्फ़न की दादी अपने पीहर क्यों जाना चाहती थी?
इफ्फ़न की दादी पीहर इसलिए जाना चाहती थीं क्योकि वे मौलवी की बेटी न होकर ज़मीदार की बेटी थी इसलिए उनके पीहर में घी, दूध व दही की भरमार थी। उन्होंने शादी से पहले पीहर में खूब दूध-दही-घी खाया था। बाद में वे लखनऊ के मौलवी से ब्याही गई थीं जहाँ उन्हें अपनी मौलवी पति के नियंत्रण में रहना पड़ता था। इसलिए लखनऊ मे आते ही उन्हे मौलविन बन जाना पड़ा। जिस कारण वहाँ उनकी आत्मा सदा बेचैन रहती थी। पीहर जाने पर वे स्वतंत्र अनुभव करती थीं और जी भर कर दूध-दही खाती थीं। जब वह मरने लगी तो उसके बेटे ने करबला या नजफ़ ले जाने के बारे मे पूछा। इस पर वह बिगड़ गई। उन्होने सोचा कि उसके बेटे से उसकी लाश ही नही संभाली जा सकतीं। उसे अपने घर की छोटी-छोटी और मीठी-मीठी चीजें याद आईं। इसी कारण उनका मन हर समय पीहर जाने को तरसता था।
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