Q6 of 8 Page 98

ईश्वर प्राप्ति के लिए बहुत से साधक हठयोग जैसी कठिन साधना भी करते हैं, लेकिन उससे भी लक्ष्य प्राप्ति नहीं होती। यह भाव किन पंक्तियों में व्यक्त हुआ है-

उपर्युक्त भाव निम्नलिखित पंक्तियों में व्यक्त हुआ है-

आई सीधी राह से, गई न सीधी राह।


सुषुम-सेतु पर खड़ी थी, बीत गया दिन आह!


जेब टटोली, कौड़ी न पाई


माझी को दूँ, क्या उतराई?


More from this chapter

All 8 →