“इनसे आप लोग त्याग और हिम्मत सीखें”- गाँधी जी ने यह किसके लिए और किस संदर्भ में कहा?
एक बार गाँधीजी रास गए। वहाँ उनका भव्य स्वागत होता है जिसमें दरबार समुदाय के लोग सबसे आगे थे। गांधीजी ने यह बात “ इनसे आप लोग त्याग और हिम्मत सीखें” दरबार समुदाय के लोगों के बारे में कही थी। उनके ऐसा कहने के अभिप्राय था कि इसी भावना के बल पर हम अंग्रेजों को अपने देश से खदेड़कर स्वतंत्रता प्राप्त कर सकते है| दरबारी रियासतदार होते हैं। वहाँ मौजूद दरबारी गोपालदास और रविशंकर महाराज ने गांधीजी का भव्य स्वागत किया जिससे गांधीजी उनसे बहुत प्रभावित हुए। ये दरबार लोग अपना सब कुछ छोड़कर रास आकर बस गए थे। गांधीजी उनके इस त्याग एवं हिम्मत की भावना से बहुत प्रभावित थे और इसीलिये उन्होंने ऐसा कहा था।
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