महिसागर नदी के दोनों किनारों पर कैसा दृश्य उपस्थित था? अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।
रात के अंधेरे को मिटाने के लिए महिसागर नदी के दोनों किनारों पर हज़ारों लोग अपने हाथों में जलते दिये लेकर खड़े थे क्योंकि गांधी जी और सत्याग्रहियों को नदी पार करनी थी गांधीजी घुटनें भर पानी में चले और नाव में बैठकर नदी पार करने के लिए रवाना हुये इसी के साथ चारों ओर’ महात्मा गांधी की जय, सरदार पटेल की जय और जवाहर लाल नेहरु की जय के नारे गूँज रहे थे। गांधीजी के नदी पार करने के बाद भी लोग तट पर दिये लेकर अन्य सत्याग्रहियों की प्रतीक्षा में रात-भर खड़े रहे। इस प्रकार हजारो लोग हाथों में दीये लेकर एकता का परिचय दे रहे थे और नारे लगाकर सत्याग्रहियों का उत्साह वर्धन कर रहे थे| ऐसा लग रहा था मानो नदी के किनारे भव्य मेले का आयोजन किया गया हो|
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