गाँधी को समझने वाले वरिष्ठ अधिकारी इस बात से सहमत नहीं थे कि गाँधी कोई काम अचानक और चुपके से करेंगे। फिर भी उन्होंने किस डर से और क्या एहतियाती कदम उठाए?
ब्रिटिश अधिकारी इस बात से आश्वस्त थे कि गाँधी कोई काम अचानक और चुपके से नहीं करेंगे क्योंकि गांधी जी सत्यवादी, अहिंसाप्रिय, देशभक्त, धार्मिक, विद्वान, कर्तव्यनिष्ठ, दृढ़ निश्चयी व्यक्ति थे। और आजादी के लड़ाई के दौर में उन्होंने कोई भी कम चुपके से अथवा अनैतिक ढंग से नहीं किया फिर भी अंग्रेजों ने एहतियाती कदम उठाए क्योंकि वरिष्ठ अधिकारियों को डर था की कहीं गांधीजी बाकि सत्याग्रहियों के साथ मिलकर नमक कानून न तोड़ दें इसीलिए वरिष्ठ अधिकारीयों ने एतियाहत बरतते हुये नदी के आस-पास के सभी नमक के भंडारों को नष्ट कर दिया|
Couldn't generate an explanation.
Generated by AI. May contain inaccuracies — always verify with your textbook.