Q3 of 15 Page 61

आसपास की निर्जीव चीजों को ध्यान में रखकर कुछ संवाद लिखिए, जैसे-

चॉक का ब्लैक बोर्ड से संवाद


कलम का कॉपी से संवाद


खिड़की का दरवाजे से संवाद


चॉक का ब्लैकबोर्ड से संवाद

ब्लैकबोर्ड का चॉक से संवाद-


आज तुम यह बताओ कि बच्चों को कौन सा पाठ लिखकर समझाओगे?


चॉक- अरे मुझे क्या पता? थोड़ी देर में सामाजिक विषय वाली टीचर आएंगी। मैंने उन्हें कल कहते हुए सुना था कि आज शायद वह आने वाले चुनाव के बारे में बात करें।


ब्लैकबोर्ड- अरे हां! मैं तो बिल्कुल भूल ही गया था। लोकसभा चुनाव के लिए पहली वोटिंग 11 अप्रैल को है।


चॉक- तुम्हें तो सब पता है। अब ये बताओ कि तुम किस पार्टी को अपना मत दोगे?


ब्लैकबोर्ड- तुम्हें पता नहीं है क्या वोट देकर बताते नहीं है। इसलिए मैं तुम्हें क्यों बताऊं कि मैं किसे वोट दूंगा। जो पार्टी जीतेगी समझ जाना मैंने उसे ही वोट दिया है। तुम्हें 23 मई का इंतजार करना पड़ेगा जिस दिन मतों की गणना होगी।


कलम का कॉपी से संवाद-


कॉपी- (कलम देखकर) साल भर मेरे ऊपर बच्चे लिखते रहते हैं बहुत थकान महसूस हो रही है।


कलम- अरे! परेशान मत हो। अगले महीने से बच्चों की गर्मियों की छुट्टियां हो जाएंगी। तब तुम्हें और मुझे दोनों को कुछ दिनों के लिए आराम मिल जाएगा।


कॉपी- यार मैं तो अभी से सोच-सोचकर खुश हो रहा हूं।


खिड़की का दरवाजे से संवाद-


खिड़की- (दरवाजें से) हर साल ये लोग मेरा रंग बदल देते हैं। मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगता। तुम क्या सोचते हो?


दरवाजा- मुझे तो अच्छा लगता है। कम से कम हर साल नए तो लगने लगते हैं। जो बात नए पेंट में आती है वह पुराने दरवाजों में कहां आएगी।


खिड़की- वैसे तो तुम ठीक ही कह रहो हो। बस मैं यह चाहती हूं कि एक बार पेंट करवाने से पहले मुझसे यह जरूर पूछ लें कि मुझे कौन सा रंग पसंद है। ऐसा करने से वह भी खुश और मैं भी।


More from this chapter

All 15 →
2

नाटक में दिखाई गई घटना को ध्यान में रखते हुए यह भी बताइए कि अपनी सुरक्षा के लिए आजकल बच्चे क्या-क्या कर सकते हैं। संकेत के रूप में नीचे कुछ उपाय सुझाए जा रहे हैं। आप इससे अलग कुछ और उपाय लिखिए।

समूह में चलना।


एकजुट होकर बच्चा उठानेवालों या ऐसी घटनाओं का विरोध करना।


अनजान व्यक्तियों से सावधानीपूर्वक मिलना।


1

आपने देखा होगा कि नाटक के बीच-बीच में कुछ निर्देश दिए गए हैं। ऐसे निर्देशों से नाटक के दृश्य स्पष्ट होते हैं, जिन्हें नाटक खेलते हुए मंच पर दिखाया जाता है, जैसे ‘सड़क/रात का समय------दूर कहीं कुत्तों के भौंकने की आवाज।’ यदि आपको रात का दृश्य मंच पर दिखाना हो तो क्या-क्या करेंगे, सोचकर लिखिए।

2

पाठ को पढ़ते हुए आपका ध्यान कई तरह के विराम चिह्नों की ओर गया होगा। अगले पृष्ठ पर दिए गए अंश से विराम चिह्नों को हटा दिया गया है। ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उपयुक्त चिह्न लगाइए-

मुझ पर भी एक रात आसमान से गड़गड़ाती बिजली आकर पड़ी थी अरे बाप रे वो बिजली थी या आफत याद आते ही अब भी दिल धक-धक करने लगता है और बिजली जहां गिरी थी वहां खड्डा कितना गहरा पड़ गया था खंभे महाराज अब जब कभी बारिश होती है तो मुझे उस रात की याद हो आती है, अंग थरथर कांपने लगते हैं।


4

उपर्युक्त में से दस-पंद्रह संवादों को चुनें, उनके साथ दृश्यों की कल्पना करें और एक छोटा-सा नाटक लिखने का प्रयास करें। इस काम में अपने शिक्षक से सहयोग लें।