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उपर्युक्त में से दस-पंद्रह संवादों को चुनें, उनके साथ दृश्यों की कल्पना करें और एक छोटा-सा नाटक लिखने का प्रयास करें। इस काम में अपने शिक्षक से सहयोग लें।

खिड़की (दरवाजे से)- आज मेरे घर मेहमान आने वाले हैं?

दरवाजा- कौन हैं वो?


खिड़की- उनका नाम कलम और कॉपी है। बच्चों की गर्मियों की छुट्टियां होने वाली हैं। इसलिए वह ऋषिकेश घूमने आने वाले हैं।


खिड़की- तुम भी जल्दी से आ जाओ। घंटी बजी है, लगता है आ गए वो लोग।


दरवाजा- हां, ठीक है आता हूं मैं भी।


खिड़की- आइए-आइए, स्वागत है आपका। सफर में कोई दिक्कत तो नहीं हुई?


कलम- अरे! कोई दिक्कत नहीं हुई। जैसे ही हम लोगों ने ऋषिकेश में कदम रखा, मन को सुकून मिला।


कॉपी- मैं तो कब से आना चाहती थी लेकिन मौका ही नहीं मिल पा रहा था। सही में यह बहुत सुंदर जगह है। कम से कम कुछ दिन दिमाग को शांति मिलेगी।


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2

नाटक में दिखाई गई घटना को ध्यान में रखते हुए यह भी बताइए कि अपनी सुरक्षा के लिए आजकल बच्चे क्या-क्या कर सकते हैं। संकेत के रूप में नीचे कुछ उपाय सुझाए जा रहे हैं। आप इससे अलग कुछ और उपाय लिखिए।

समूह में चलना।


एकजुट होकर बच्चा उठानेवालों या ऐसी घटनाओं का विरोध करना।


अनजान व्यक्तियों से सावधानीपूर्वक मिलना।


1

आपने देखा होगा कि नाटक के बीच-बीच में कुछ निर्देश दिए गए हैं। ऐसे निर्देशों से नाटक के दृश्य स्पष्ट होते हैं, जिन्हें नाटक खेलते हुए मंच पर दिखाया जाता है, जैसे ‘सड़क/रात का समय------दूर कहीं कुत्तों के भौंकने की आवाज।’ यदि आपको रात का दृश्य मंच पर दिखाना हो तो क्या-क्या करेंगे, सोचकर लिखिए।

2

पाठ को पढ़ते हुए आपका ध्यान कई तरह के विराम चिह्नों की ओर गया होगा। अगले पृष्ठ पर दिए गए अंश से विराम चिह्नों को हटा दिया गया है। ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उपयुक्त चिह्न लगाइए-

मुझ पर भी एक रात आसमान से गड़गड़ाती बिजली आकर पड़ी थी अरे बाप रे वो बिजली थी या आफत याद आते ही अब भी दिल धक-धक करने लगता है और बिजली जहां गिरी थी वहां खड्डा कितना गहरा पड़ गया था खंभे महाराज अब जब कभी बारिश होती है तो मुझे उस रात की याद हो आती है, अंग थरथर कांपने लगते हैं।


3

आसपास की निर्जीव चीजों को ध्यान में रखकर कुछ संवाद लिखिए, जैसे-

चॉक का ब्लैक बोर्ड से संवाद


कलम का कॉपी से संवाद


खिड़की का दरवाजे से संवाद