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मोर के बोलने पर कवि को लगा जैसे किसी ने कहा हो- ‘सुनते हो।’ नीचे दिए गए पक्षियों की बोली सुनकर उन्हें भी एक या दो शब्दों में बांधिए-

कबूतर, कौआ, मैना, तोता, चील, हंस


कबूतर – ख़त ले लो

कौआ – मेहमान आ गए


मैना - गीत गाती हो


तोता – रटते हो


चील – देखते हो


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1

इस कविता में शाम के दृश्य को किसान के रूप में दिखाया गया है- यह एक रूपक है। इसे बनाने के लिए पांच एकरूपताओं की जोड़ी बनाई गई है। उन्हें उपमा कहते हैं। पहली एकरूपता आकाश और साफे में दिखाते हुए कविता में ‘आकाश का साफा’ वाक्यांश आया है। इसी तरह तीसरी एकरूपता नदी और चादर में दिखाई गई है, मानों नदी चादर-सी हो। अब आप दूसरी, चौथी और पांचवीं एकरूपताओं को खोजकर लिखिए।

2

शाम का दृश्य अपने घर की छत या खिड़की से देखकर बताइए

(क) शाम कब से शुरू हुई?


(ख) तब से लेकर सूरज डूबने में कितना समय लगा?


(ग) इस बीच आसमान में क्या-क्या परिवर्तन आए?


1

इस कविता को चित्रित करने के लिए किन-किन रंगों का प्रयोग करना होगा?

2

शाम के समय ये क्या करते हैं, पता लगाइए और लिखिए-

पक्षी, खिलाड़ी, फलवाले, माँ, पेड़-पैधे, पिता जी, किसान, बच्चे