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घमंडी की आँख से तिनका निकालने के लिए उसके आसपास के लोगों ने क्या किया?

घमंडी की आंख से तिनका निकालने के लिए लोगों ने मूंठ बनाया (कपड़े को हाथ में लपेटकर आंख पर रखना)। और फिर आसपास के लोग मूंठ की मदद से घमंडी की आंख से तिनका निकालने की कोशिश करने लगे|


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2

एक तिनका’ कविता में किस घटना की चर्चा की गई है, जिससे घमंड नहीं करने का संदेश मिलता है?

3

आँख में तिनका पड़ने के बाद घमंडी की क्या दशा हुई?

5

एक तिनका’ कविता में घमंडी को उसकी ‘समझ’ ने चेतावनी दी-

ऐंठता तू किसलिए इतना रहा,


एक तिनका है बहुत तेरे लिए।


इसी प्रकार की चेतावनी कबीर ने भी दी है-


तिनका कबहूँ न निंदिए, पाँव तले जो होय।


कबहूँ उडि़ आँखिन परै, पीर घनेरी होय।।


इन दोनों में क्या समानता है और क्या अंतर? लिखिए।


1

इस कविता को कवि ने ‘मैं’ से आरंभ किया है- ‘मैं घमंडों में भरा ऐंठा हुआ।’ कवि का यह ‘मैं’ कविता पढ़नेवाले व्यक्ति से भी जोड़ सकता है और तब अनुभव यह होगा कि कविता पढ़नेवाला व्यक्ति अपनी बात बता रहा है। यदि कविता में ‘मैं’ की जगह ‘वह’ या कोई नाम लिख दिया जाए, तब कविता के वाक्यों में बदलाव आ जाएगा। कविता में ‘मैं’ के स्थान पर ‘वह’ या कोई नाम लिखकर वाक्यों के बदलाव को देखिए और कक्षा में पढ़कर सुनाइए।