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नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढि़ए

ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी,


तब समझ’ ने यों मुझे ताने दिए।


इन पंक्तियों में ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ शब्दों का प्रयोग सजीव प्राणी की भांति हुआ है। कल्पना कीजिए, यदि ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ किसी नाटक में दो पात्र होते तो उनका अभिनय कैसा होता?


(दृश्य)- एक मनुष्य घमंड से भरा हुआ खड़ा है। उसे देखकर ऐसा लग रहा है कि दुनिया भर की सारी ऐठ उसी के अंदर है। तभी ऐंठ (घमंड) बाहर आती है। वह मनुष्य के सामने आकर खड़ी हो जाती है, और उसका हाल-चाल लेती है।

ऐंठ (मनुष्य से)- कैसे हो तुम? कुछ भी हो जाए बस तुम मेरा साथ मत छोड़ना।


मनुष्य- तुम ऐसा क्यों सोचती हो, तुम हो तो लोग मुझसे डरे रहते है।


ऐंठ- फिर तो ठीक है।


मनुष्य- तभी मनुष्य की आंख में कुछ पड़ जाता है। मनुष्य को ऐसी हालत में देख ऐंठ वहां से भाग जाती है।


ऐंठ- तुम अब अपना देखो। मैं तुम्हारी मदद नहीं कर सकती।


मनुष्य- मुसीबत में छोड़कर जा रही हो।


ऐंठ- जहां मुसीबत होती है वहां ऐंठ एक पल भी नहीं रुकती।


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5

एक तिनका’ कविता में घमंडी को उसकी ‘समझ’ ने चेतावनी दी-

ऐंठता तू किसलिए इतना रहा,


एक तिनका है बहुत तेरे लिए।


इसी प्रकार की चेतावनी कबीर ने भी दी है-


तिनका कबहूँ न निंदिए, पाँव तले जो होय।


कबहूँ उडि़ आँखिन परै, पीर घनेरी होय।।


इन दोनों में क्या समानता है और क्या अंतर? लिखिए।


1

इस कविता को कवि ने ‘मैं’ से आरंभ किया है- ‘मैं घमंडों में भरा ऐंठा हुआ।’ कवि का यह ‘मैं’ कविता पढ़नेवाले व्यक्ति से भी जोड़ सकता है और तब अनुभव यह होगा कि कविता पढ़नेवाला व्यक्ति अपनी बात बता रहा है। यदि कविता में ‘मैं’ की जगह ‘वह’ या कोई नाम लिख दिया जाए, तब कविता के वाक्यों में बदलाव आ जाएगा। कविता में ‘मैं’ के स्थान पर ‘वह’ या कोई नाम लिखकर वाक्यों के बदलाव को देखिए और कक्षा में पढ़कर सुनाइए।

3

नीचे दी गई कबीर की पंक्तियों में तिनका शब्द का प्रयोग एक से अधिक बार किया गया है। इनके अलग-अलग अर्थों की जानकारी प्राप्त करें।

उठा बबूला प्रेम का, तिनका उड़ा अकास।


तिनका-तिनका हो गया, तिनका तिनके पास।।


1

किसी ढब से निकलना’ का अर्थ है किसी ढंग से निकलना। ‘ढब से’ जैसे कई वाक्यांशों से आप परिचित होंगे, जैसे- धम से वाक्यांश है लेकिन ध्वनियों में समानता होने के बाद भी ढब से और धम से जैसे वाक्यांशों के प्रयोग में अंतर है। ‘धम से’, ‘छप से’ इत्यादि का प्रयोग ध्वनि द्वारा क्रिया को सूचित करने के लिए किया जाता है। नीचे कुछ ध्वनि द्वारा क्रिया को सूचित करने वाले वाक्यांश और कुछ अधूरे वाक्य दिए गए हैं। उचित वाक्यांश चुनकर वाक्यों के खाली स्थान भरिए-

छप से टप से थर्र से फुर्र से सन से


(क) मेंढक पानी में ----------------- कूद गया।


(ख) नल बंद होने के बाद पानी की एक बूँद --------- चू गई।


(ग) शोर होते ही चिड़िया --------------------- उड़ी।


(घ) ठंडी हवा -------------------- गुजरी, मैं ठंड में ---------------कांप गया।