स्कूल के काम से बचने के लिए मोहन ने कई बार पेट में ‘ऐसे-ऐसे’ होने के बहाने गनाए। मान लो, एक बार एसे सचमुच पेट में दर्द हो गया और उसकी बातों पर लोगों ने विश्वास नहीं किया, तब मोहन पर क्या बीती होगी?
स्कूल के काम से बचने के लिए मोहन ने पेट में ऐसे—ऐसे होने का बहाना किया। इससे उसके मां—बाप काफी डर गए थे। अगर कभी सच में ऐसा होता तो उसकी बातों पर मां—बाप यकीन ना करते। सबको लगता कि ये पहले की तहर ही करने से बचने के लिए ना बहाना कर रहा है। इस बार मोहन के पिता डॉक्टर को भी ना बुलाते, जिससे बीमारी का भी पता ना लग पाता। इससे मोहन की तबीयत ज्यादा खराब होने का डर रहता। मोहन को इस घटना से सबक लेने की जरूरत है जिससे आगे कभी ऐसी स्थिति पैदा ना हो।
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