इस यात्रा-वृत्तांत में लेखिका ने हिमालय के जिन-जिन रूपों का चित्र खींचा है, उन्हें अपने शब्दों में लिखिए।
इस यात्रा के दौरान लेखिका ने हिमालय के प्रत्येक रूप को देखा और उसी प्रकार से उसका वर्णन किया है| हिमालय तो पर्वतराज के रुप में विख्यात है। हिमालय का सौंदर्य कभी-कभी अलौकिक अर्थात इस संसार से परे जान पङता है। वास्तव में हम हिमालय के जितना नजदीक जाते हैं हम उसे उतने ही अधिक अलौकिक रूप में पाते हैं। हमें हिमालय की गोद में स्वर्ग की अनुभूति होती है। सेवन सिस्टरर्स जलप्रपात तो प्रकृति का जैसे एक अद्भुत चमत्कार है। उंचाई से देखने पर नदी पर पङती सूर्य की किरणों को देखने पर हमें वह दृश्य बङा ही मनोहारी दिखाई पङता है। इस प्रकार से लेखिका ने अपनी यात्रा के दौरान हिमालय के कई रूपों को देखा एवं उन सभी दृश्यों, नजारों का वर्णन अपने यात्रा वृतांत में किया है|
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