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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए:

कानून सम्मत तो यही है………कि सब लोग अब बराबर हैं।

उक्त कथन लेखक अंतोन चेखव ने कहानी के मुख्य पात्र ख्यूक्रिन के मुख से कहलवाया है। यहां इंस्पेक्टर ओचुमेलॉव से न्याय मिल पाने की संभावना दिखाई न पड़ने पर ख्यूक्रिन इंस्पेक्टर को परामर्श पूर्वक यह बात कहता है। ऐसा कहकर वह इंस्पेक्टर की जमीर या कहें उसकी इंसानियत की भावना को जगाना चाहता है। वास्तव में पहले इंस्पेक्टर कुत्ते द्वारा ख्यूक्रिन को काटे जाने पर उसे न्याय दिलाने की बात कर रहा था। जब उसने जाना कि कुत्ता जनरल साहब के भाई का है तो वह गिरगिट की तरह रंग बदलने लगा या यों कहें कि वह अपनी बात से पलट गया। यह देखकर ख्यूक्रिन को इंस्पेक्टर से न्याय की कोई आस नहीं रही और उसने भ्रष्ट इंस्पेक्टर की ईमानदारी की भावना को जगाने के उद्देश्य से कह दिया कि कानून सम्मत तो यही है-----कि सब लोग अब बराबर हैं।


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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दो में) लिखिए- गिरगिट’ कहानी के माध्यम से समाज की किन विसंगतियों पर व्यंग्य किया गया है? क्या आप ऐसी विसंगतियाँ अपने समाज में भी देखते हैं? स्पष्ट कीजिए।

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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए:

उसकी आंसुओं से सनी आंखों में संकट की गहरी छाप थी।

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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए:

हुजूर! यह तो जनशांति भंग हो जाने जैसा कुछ दिख रहा है।

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नीचे दिए गए वाक्यों में उचित विराम-चिह्न लगाइए-

(क) माँ ने पूछा बच्चों कहाँ जा रहे हो


(ख) घर के बाहर सारा सामान बिखरा पड़ा था


(ग) हाय राम यह क्या हो गया


(घ) रीना सुहेल कविता और शेखर खेल रहे थे


(ड़) सिपाही ने कहा ठहर तुझे अभी मजा़ चखाता हूँ