रामस्वरूप और गोपाल प्रसाद बात-बात पर “एक हमारा जमाना था….” यह कहकर अपने समय की तुलना वर्तमान समय से करते हैं। इस प्रकार की तुलना करना कहाँ तक तर्कसंगत है?
यह मनुष्य का स्वाभाविक गुण है कि वह अपने बीते हुए समय को याद करता है, तथा उसे ही सही ठहराता है। ऐसा अक्सर देखा जाता है कि एक खास उम्र के लोग अपने जमाने की खूबियों को याद करके नये जमाने को कोसते हैं। परंतु बीते हुए समय की तुलना वर्तमान समय से करना तर्क संगत नहीं है क्योंकि हर एक समय अपनी उस समय की परिस्तिथियों के अनुसार सही एवं सुखद होता है। इस तरह समय के साथ समाज में, जलवायु में, खान-पान में सब में परिवर्तन होता रहता हैं। हर समय परिस्थितियाँ एक सी नहीं होती हैं। यों भी हर ज़माने की अपनी स्तिथियाँ होती हैं जमाना बदलता है तो कुछ कमियों के साथ सुधार भी आते हैं।
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