एकांकी के आधार पर रामस्वरूप और गोपाल प्रसाद की चारित्रिक विशेषताएँ बताइए।
‘रीढ़ की हड्डी” एकांकी में रामस्वरूप और गोपाल प्रसाद दोनों ही पुरुष पात्रों में प्रमुख हैं। वे एकांकी के अधिकांश भाग में उपस्थित रहते हैं।
रामस्वरूप- रामस्वरूप इस एकांकी के प्रमुख पुरुष पात्र हैं। आधुनिक और प्रगतिशील विचारधाराओं से संपन्न परन्तु एक मजबूर पिता हैं। वे आधुनिक विचारों को महत्त्व देने वाले तथा उच्च शिक्षा के समर्थक हैं। वे अपनी बेटी उमा को बी.ए. तक पढ़ाते हैं। वे एक तरफ़ तो स्त्री-शिक्षा के समर्थक है परन्तु बेटी के विवाह के समय यही शिक्षा वे छिपाने का प्रयास करते हैं जिससे उनकी विवशता तथा कायरता झलकती है।
गोपाल प्रसाद पेशे से वकील हैं पर शिक्षा के मामले में दोहरी राय रखते हैं। गोपाल प्रसाद निहायती चालाक बड़बोले-लालची और पढ़े-लिखे होने के बावजूद स्त्री-पुरुष की समानता में अविश्वास रखनेवाले व्यक्ति के रूप में उभरते हैं। वे लड़कों के लिए उच्च शिक्षा का समर्थन करते हैं जबकि लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा के खिलाफ हैं| इसी कारणवश वे अपने मेडिकल में पढ़ने वाले बेटे का विवाह कम पढ़ी-लिखी लड़की से करवाना चाहते हैं। वे विवाह जैसे पवित्र रिश्ते को भी बिजनेस मानते हैं इससे उनका लालची स्वभाव पता चलता है।
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