अपनी कल्पना से लिखिए कि बच्चन ने लेखक के लिए ‘नोट’ में क्या लिखा होगा?
जब लेखक दिल्ली के उकील आर्ट स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे तब एक बार बच्चन जी स्टूडियो आए थे। वो लेखक के लिए एक नोट छोड़कर गए थे। उस नोट में शायद उन्होंने लिखा होगा कि तुम्हारे सरल व्यवहार से मैं प्रभावित हुआ हूं। तुम मैं लिखने का हुनर और है इसलिए इसे बर्बाद मत करो| तुम इलाहाबाद आ जाओ। लेखन में ही तुम्हारा भविष्य निहित है। संघर्ष करने वाले ही जीवन पथ पर अग्रसर होते हैं और नयी-नयी ऊँचाइयां हासिल करते हैं| इसलिए परिश्रम करो सफलता अवश्य तुम्हारे कदम चूमेगी शायद ऐसा बच्चन ने अपने ख़त में लेखक के लिए लिखा होगा|
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