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भाव स्पष्ट कीजिए_

(क) मृदुल वैभव की रखवाली-सी, कोकिल बोलो तो!


(ख) हूँ मोट खींचता लगा पेट पर जूआ, खाली करता हूं ब्रिटिश अकड़ का कूँआ।

(क) कोयल अ भाव अत्यंत मधुर और कोमल होता है| उसी प्रकार से प्राचीन काल में भारत भी एक वैभवशाली देश था और भारत के इसी वैभव का प्रतीक है| कवि ने कोयल को भारत के वैभव की रखवाली करने वाली कहकर उसको संवोधित कहकर उससे पूंछ रहा है कि अब भारत के वैभव को क्या हुआ|


(ख) यहाँ कवि ने अंग्रेजी शासनकाल में स्वतंत्रता सेनानियों पर अंग्रेज सरकार


द्वारा हो रहे अत्याचार के बारे में बताया है। जेलों में देशभक्तों की छाती पर बैलों की तरह


फीता लगाकर चूना आदि पिसवाया जाता था। उनके पेट से बांधकर हल जुतवाया जाता था।


उनसे कोल्हु चलवाकर तेल निकलवाया जाता था; और पत्थरों की गिट्टियाँ तुड़वाई जाती थी।


अंग्रेज सरकार देशभक्त उन यातनाओं से भयभीत हो जाए तथा अपने उद्देश्य से पीछे हट


जाएं परंतु देशभक्ति की भावना मिट नहीं पाते है। इस प्रकार अंग्रेज सरकार सेनानियों की उनका स्वाभिमान तथा देश के प्रति अभिमान को तोड़ नहीं पाते।


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