अर्धरात्रि में कोयल की चीख से कवि को क्या अंदेशा है?
कवि को लगता है कि आधी रात के गहरे अंधेरे में कोयल के कूकने का क्या कारण हैं। क्या उसने जंगल की आग की भयावहता देख ली है और इसलिए चीख रही है। क्या उसे कोई बहुत बड़ी पीड़ा सता रही है या उसे नींद नहीं आ रही है अथवा कोयल अंग्रेजों की कैद में स्वतंत्रता सेनानियों को देखकर द्रवित हो उठी है| इस प्रकार अर्धरात्रि में कोयल की चीख से कवि को अंदेशा है कि या तो वह पागल हो गई है अथवा वह बहुत उदास है|
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