निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30) शब्दों में लिखिए-
पाठ में आए निम्नलिखित कथनों की व्याख्या कीजिए-
क) अंदर ही अंदर कहीं मेरा बटुआ काँप गया।
ख) अतिथि सदैव देवता नहीं होता, वह मानव और थोड़े अंशों में राक्षस भी हो सकता है।
ग) लोग दूसरे के होम की स्वीटनेस को काटने न दौड़े।
घ) मेरी सहनशीलता कि वह अंतिम सुबह होगी।
ङ) एक देवता और एक मनुष्य अधिक देर साथ नहीं रहते।
क) अन्दर ही अन्दर बटुआ काँप जाने से लेखक का अर्थ- अतिथि के घर आने से उनके रहने और खाने-पीने से होने वाले खर्चे के से है क्योंकि किसी अतिथि के घर में आने से उसके आदर सत्कार में बहुत खर्च हो जाता है| इसी कारण लेखक का अन्दर ही अन्दर बटुआ काँप गया|
ख) हमारी संस्कृति में अतिथि को देवता के समान माना गया है क्योंकि अतिथि कुछ समय के लिए ही आते हैं और वापस लौट जाते है लेकिन जब अतिथि ज्यादा दिन रुक जाये तो मानव और राक्षस लगने लगता है|
ग) होम ‘स्वीट होम’ उस घर में रहने वाले लोगो से, उनकी ख़ुशी से बनता है पर जब कोई अनचाहा मेहमान वहाँ आकर रहने लगे तो वह उस होम अथवा घर की स्वीटनेस समाप्त हो जाती है|
घ) जब अतिथि चार दिन तक लेखक के घर से नहीं जाता है तो लेखक सोचता है की कल की सुबह मेरी सहनशीलता की अंतिम सुबह होगी|
ङ) भारतीय सस्कृति में मेहमान को देवता के समान माना गया है लेकिन जब वह ज्यादा दिन तक रुकता है तो मेजबान पर बोझ बन जाता है इसीलिए कहा है कि देवता और मनुष्य ज्यादा देर साथ नहीं रहते|
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