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विद्यार्थी अपने घर आए अतिथियों के सत्कार का अनुभव कक्षा में सुनाएँ।

बीते कुछ दिनों की बात है जब मेरे मौसाजी और उनका बेटा श्याम हमारे घर आये थे| मेरे मौसाजी का बेटा श्याम मुझसे दो साल छोटा है| घर में मौसाजी की बहुत अच्छे से खातिरदारी की गयी उन्होंने मुझसे भी बातें, साथ ही मेरी पढाई के बारे में, मेरे दोस्तों के बारे में पूछा और मैंने और राहुल ने साथ में मिलकर बहुत मस्ती की| सीधी शब्दों में कहूँ तो मुझे उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगा|


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