वसंत को ‘ऋतुराज’ क्यों कहा जाता है? आपस में चर्चा कीजिए।
भारत में वसंत ऋतु को ऋतुराज कहा जाता है। इसकी वजह यह है कि पाँच अन्य ऋतुओं के अपने सकारात्मक पहलु एवं नकारात्मक गुण हैं। जबकि वसंत ऋतु का मौसम पूरे साल का सबसे सुहाना मौसम माना जाता है। इसमें न हाड कंपाने वाली सर्दी होती है और न ही चारों ओर पाले की मार। इस दौरान वृक्षों की पत्तियां तक गिरकर जमीन पर आ जाती हैं। इसकी
खासियत यह है कि पेड़ों के पत्ते लाल पड़ने लगते हैं, कोंपलें तथा हरे-भरे पत्तों के बींच रंग-बिरंगे फूल प्राकृतिक सौंदर्य पर चार चांद लगाने का काम करते हैं। प्रकृति की खूबसूरती देख कोयल
भी सुरीले राग गाने लगती है। वायुमंडल की ताजा और ठंडी हवा प्रकृति का संदेश इंसानों के मध्य पहुंचाने का कार्य करती है। मनुष्य से लेकर पशु-पक्षी भी इस ऋतु के आगमन से प्रसन्न रहते हैं। इसी वजह से इस ऋतु को ‘ऋतुराज’ कहा जाता है।
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