कविता की निम्नलिखित पंक्तियाँ पढ़कर बताइए कि इनमें किस ऋतु का वर्णन है?
फूटे हैं आमों में बौर होली मची ठौर-ठौर
भौंर वन-वन टूटे हैं। सभी बंधन छूटे हैं।
ऊपर लिखी पंक्तियों में आम में बौर आने, होली के त्योहार और भौरों के बारे में जिक्र किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि इसमें वसंत ऋतु का ही वर्णन किया गया है। यह सब चीजें एक साथ वसंत ऋतु में ही देखने को मिलती हैं। इस ऋतु में बागों में चारों तरफ आम ही आम नजर आते हैं। साथ ही होली का त्योहार भी इसी ऋतु में आता है। वहीं बागों में फूलों पर भौरे भी इसी ऋतु में मंडराते हैं। ये सभी चीजें मिलकर वसंत ऋतु को बेहद आकर्षक बनाती हैं।
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