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कविता की निम्नलिखित पंक्तियाँ पढ़कर बताइए कि इनमें किस ऋतु का वर्णन है?

फूटे हैं आमों में बौर होली मची ठौर-ठौर


भौंर वन-वन टूटे हैं। सभी बंधन छूटे हैं।


ऊपर लिखी पंक्तियों में आम में बौर आने, होली के त्योहार और भौरों के बारे में जिक्र किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि इसमें वसंत ऋतु का ही वर्णन किया गया है। यह सब चीजें एक साथ वसंत ऋतु में ही देखने को मिलती हैं। इस ऋतु में बागों में चारों तरफ आम ही आम नजर आते हैं। साथ ही होली का त्योहार भी इसी ऋतु में आता है। वहीं बागों में फूलों पर भौरे भी इसी ऋतु में मंडराते हैं। ये सभी चीजें मिलकर वसंत ऋतु को बेहद आकर्षक बनाती हैं।


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2

वसंत ऋतु में आने वाले त्यौहारों के विषय में जानकारी एकत्र कीजिए और किसी एक त्योहार पर निबंध लिखिए।

3

‘‘ऋतु परिर्वतन का जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।’’-इस कथन की पुष्टि आप किन-किन बातों से कर सकते हैं? लिखिए।

1

स्वप्न भरे कोमल हाथों को अलसाई कलियों पर फेरते हुए कवि कलियों को प्रभात के आने का सन्देश देता है, उन्हें जगाना चाहता है और खुशी-खुशी अपने जीवन के अमृत से उन्हें सींचकर हरा-भरा करना चाहता है| फूलों-पौधों के लिए आप क्या-क्या करना चाहेंगे?

3

कवि अपनी कविता में एक कल्पनाशील कार्य की बात बता रहा है। अनुमान कीजिए और लिखिए कि उसके बताए कार्यों का अन्य किन-किन संदर्भों से संबंध जुड़ सकता है? जैसे-नन्हे-मुन्ने बालक को माँ जगा रही हो -----------------------