पिन कोड भी संख्याओं में लिखा गया एक पता है, कैसे?
पिन कोड का पूरा नाम ‘पोस्टल इन्डेक्स नंबर’ होता है। यह छह अंकों का होता है और इसके हर अंक का कुछ मतलब होता है। जैसे पहला अंक राज्य को बताता है, दूसरा और तीसरा अंक उपक्षेत्र को बताता है, वहीं आखिर के तीन अंक डाकघर के होते हैं। इसे हम यह भी कह सकते है कि यह संख्याओं के रूप में लिखा एक पता होता है, लेकिन यह किसी व्यक्ति विशेष के मकान का संकेत नहीं देता। यह पिनकोड देखकर डाकघर के कर्मचारी आसानी से पता लगा लेते हैं कि संबंधित चिट्ठी किस राज्य या शहर भेजनी है।
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