पहली सवाक् फिल्म के निर्माता-निर्देशक अर्देशिर को जब सम्मानित किया गया तब सम्मानकर्ताओं ने उनके लिए क्या कहा था? अर्देशिर ने क्या कहा? और इस प्रसंग में लेखक ने क्या टिप्पणी की है? लिखिए।
निर्माता निर्देशक अर्देशिर ने भारत में सवाक् यानी बोलती फिल्म की शुरुआत की थी। फिल्म का नाम था आलम आरा। यह फिल्म 14 मार्च 1931 को रिलीज हुई थी। फिल्म सुपरहिट गई थी। लोगों ने इसे बहुत पसंद किया था। 1956 में जब आलम आरा को 25 वर्ष पूरे हुए और अर्देशिर को इस फिल्म के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें ‘भारतीय सवाक फिल्मों का पिता’ कहा गया। इतनी बड़ी उपाधि मिलने पर अर्देशिर ने कहा था, मुझे इतना बड़ा खिताब देने की जरूरत नहीं है। मैंने तो देश कि लिए अपने हिस्से का जरूरी योगदान दिया है। इससे पता चलता है कि अर्देशिर बहुत विनम्र व्यक्ति थे।
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